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समस्तीपुर में 37 सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण, डीएम के निर्देश पर शिक्षा व्यवस्था की गहन जांच, कई खामियां उजागर

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समस्तीपुर में जिलाधिकारी के निर्देश पर 37 सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण हुआ। शिक्षा, एमडीएम, उपस्थिति और आधारभूत सुविधाओं की जांच में कई खामियां सामने आईं।

समस्तीपुर/आलम की खबर:Samastipur जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ 37 सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई।

यह निरीक्षण अभियान जिलाधिकारी Roshan Kushwaha के निर्देश पर जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना था।

विद्यालयों में हर स्तर पर हुई गहन जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय भवन की स्थिति, कक्षाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, मरम्मत की आवश्यकता और समग्र शैक्षणिक वातावरण की बारीकी से जांच की। कई विद्यालयों में भवन और स्वच्छता की स्थिति सामान्य पाई गई, जबकि कुछ जगहों पर मरम्मत की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई।

छात्रों की उपस्थिति और नामांकन का भी मिलान किया गया, जिसमें कई विद्यालयों में वास्तविक उपस्थिति कम पाई गई। अधिकारियों ने अनुपस्थित छात्रों के कारणों की जानकारी ली और सुधार के निर्देश दिए।

मिड डे मील पर खास नजर, कई जगह अनियमितता

मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता की विशेष रूप से जांच की गई। कुछ विद्यालयों में भोजन व्यवस्था संतोषजनक रही, लेकिन कुछ जगहों पर गुणवत्ता और वितरण में अनियमितता सामने आई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता का आकलन

निरीक्षण में शिक्षकों की उपस्थिति और कक्षा संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कुछ विद्यालयों में शिक्षण कार्य नियमित पाया गया, जबकि कुछ जगहों पर सुधार की आवश्यकता दिखी।

अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत कर उनके अधिगम स्तर का भी मूल्यांकन किया और शिक्षण गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए।

बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी जांच के घेरे में

पेयजल, शौचालय, बिजली, खेल सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की गई। कई विद्यालयों में सुविधाएं ठीक पाई गईं, लेकिन कुछ जगहों पर पेयजल और शौचालय की स्थिति कमजोर पाई गई।

कई विद्यालयों में मिली खामियां

निरीक्षण में सामने आई प्रमुख कमियां इस प्रकार रहीं—

कम छात्र उपस्थिति

मिड डे मील में अनियमितता

भवन रख-रखाव की कमी

शिक्षण संसाधनों की कमी

कुछ जगह शिक्षकों की अनुपस्थिति

जिलाधिकारी का सख्त संदेश

जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें और जहां अनियमितता पाई गई है, वहां सख्त कार्रवाई की अनुशंसा करें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुधार की दिशा में निरंतर अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

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